सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Terms and Conditions


Terms and Conditions (नियम और शर्तें) -

 A Divine Sage

1. प्रस्तावना और स्वीकृति (Introduction & Acceptance)

A Divine Sage  के डिजिटल प्रांगण में आपका स्वागत है। यह वेबसाइट R.K. Yogacharya (MA, BYN, PGDYN) द्वारा संचालित एक आध्यात्मिक और शैक्षिक मंच है। इस वेबसाइट का उपयोग करने से पहले, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप इन 'नियम और शर्तों' को अत्यंत ध्यानपूर्वक पढ़ें।

Terms and condition


जब आप adivinesage.com पर प्रवेश करते हैं, इसे ब्राउज़ करते हैं, या यहाँ दी गई किसी भी सामग्री (Content) का उपयोग करते हैं, तो आप यह स्वीकार करते हैं कि आपने इन शर्तों को पढ़ लिया है, समझ लिया है और आप इनसे कानूनी रूप से बंधने के लिए सहमत हैं। यदि आप इन शर्तों के किसी भी भाग से असहमत हैं, तो कृपया इस वेबसाइट का उपयोग न करें।

2. पात्रता और वैश्विक उपयोग (Eligibility & Global Use)

हमारी वेबसाइट का उद्देश्य दुनिया भर के महान संतों और महात्माओं के क्रांतिकारी विचारों को प्रसारित करना है।

आयु सीमा

यह वेबसाइट सामान्य पाठकों के लिए है। हालांकि, यदि आपकी आयु 13 वर्ष से कम है, तो हम अनुशंसा करते हैं कि आप अपने माता-पिता या अभिभावक के मार्गदर्शन में ही इस वेबसाइट का उपयोग करें।

वैश्विक पहुँच: 

A Divine Sage' एक हिंदी वेबसाइट है, लेकिन इसका लक्ष्य वैश्विक है। दुनिया के किसी भी कोने से इस वेबसाइट का उपयोग करने वाले व्यक्ति पर ये शर्तें समान रूप से लागू होंगी। आप अपने स्थानीय कानूनों के अनुपालन के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।

3. बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights)

A Divine Sage पर उपलब्ध समस्त सामग्री—जिसमें लेख, शोध, संतों की जीवनियाँ, योग संबंधी निर्देश, ग्राफिक्स, लोगो, चित्र, वीडियो और ऑडियो शामिल हैं—हमारी विशेष बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) है या हमें उनके उपयोग का अधिकार प्राप्त है।

कॉपीराइट (Copyright): 

इस वेबसाइट की सामग्री का स्वामित्व R.K. Yogacharya और 'A Divine Sage' के पास सुरक्षित है। आप इस सामग्री को केवल व्यक्तिगत और गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए पढ़ सकते हैं या साझा कर सकते हैं।

प्रतिबंध

आप हमारी लिखित अनुमति के बिना इस वेबसाइट की किसी भी सामग्री को कॉपी करने, पुनरुत्पादित (Reproduce) करने, बेचने, प्रकाशित करने या किसी अन्य व्यावसायिक वेबसाइट पर उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

उद्धरण (Citations): 

यदि आप हमारे किसी लेख का अंश उपयोग करना चाहते हैं, तो आपको उचित श्रेय (Credit) देना होगा और adivinesage.com का लिंक (Backlink) प्रदान करना अनिवार्य होगा।

4. सामग्री का उद्देश्य और स्वास्थ्य अस्वीकरण (Health & Content Disclaimer)

यह खंड हमारी वेबसाइट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम योग और प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) से जुड़े विषय साझा  कर सकते  हैं।

योग और चिकित्सा: संस्थापक R.K. Yogacharya एक विशेषज्ञ (MA, BYN, PGDYN) हैं, और यहाँ दी गई जानकारी उनके ज्ञान और शोध पर आधारित है। हालांकि, 'A Divine Sage' पर दी गई कोई भी जानकारी पेशेवर चिकित्सा सलाह (Medical Advice), निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

स्वयं की जिम्मेदारी

योग आसन या प्राकृतिक चिकित्सा के किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। किसी भी शारीरिक क्षति या स्वास्थ्य समस्या के लिए 'A Divine Sage' जिम्मेदार नहीं होगा।

आध्यात्मिक सामग्री

संतों के विचार और कार्य उनके अपने समय और संदर्भ के अनुसार हैं। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी विचार को अपने जीवन में उतारने का निर्णय आपका व्यक्तिगत विवेक होगा।

5. उपयोगकर्ता का आचरण और टिप्पणियाँ (User Conduct & Comments)

हम एक सात्विक और शांतिपूर्ण आध्यात्मिक समुदाय का निर्माण करना चाहते हैं। इसलिए, वेबसाइट पर टिप्पणी (Comment) करते समय या संवाद करते समय आपको निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:

मर्यादा और सम्मान

चूंकि यह मंच सभी धर्मों के संतों को समर्पित है, इसलिए किसी भी धर्म, संप्रदाय, जाति या महापुरुष के विरुद्ध अभद्र भाषा, घृणास्पद भाषण (Hate Speech) या अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्पैम और विज्ञापन

टिप्पणी अनुभाग में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक विज्ञापन, लिंक शेयरिंग या स्पैम सामग्री पोस्ट करना वर्जित है।

गोपनीयता

किसी अन्य उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक न करें।

हटाने का अधिकार

'A Divine Sage' के पास बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी ऐसी टिप्पणी को हटाने का पूर्ण अधिकार है जो इन शर्तों का उल्लंघन करती हो।

6. सर्वधर्म समभाव का संकल्प (Equality of All Religions)

हमारी वेबसाइट का मूल मंत्र "वसुधैव कुटुंबकम" और "सर्वधर्म समभाव" है।

हम किसी भी धर्म के प्रचार या धर्मांतरण का समर्थन नहीं करते हैं।

हमारा उद्देश्य केवल मानवता के कल्याण के लिए दिव्य आत्माओं के वैश्विक योगदान को उजागर करना है।

यदि आपको किसी सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत होने जैसा महसूस होता है, तो कृपया हमसे संपर्क करें ताकि हम उसे तर्कसंगत रूप से देख सकें।

7. तीसरे पक्ष के लिंक (Third-Party Links)

हमारी वेबसाइट पर अन्य वेबसाइटों या संसाधनों के लिंक हो सकते हैं।

ये लिंक आपकी सुविधा और अतिरिक्त जानकारी के लिए दिए जाते हैं। हमारा उन वेबसाइटों की सामग्री या उनकी नीतियों पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हम किसी तीसरे पक्ष की वेबसाइट द्वारा प्रदान की गई जानकारी, उत्पाद या सेवा की गारंटी नहीं लेते हैं। उन साइटों का उपयोग आप अपने जोखिम पर करेंगे।

8. दायित्व की सीमा (Limitation of Liability)

कानून द्वारा अनुमत सीमा तक, A Divine Sage, इसके संस्थापक R.K. Yogacharya, या इसकी टीम किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, आकस्मिक या दंडात्मक क्षति के लिए उत्तरदायी नहीं होगी, जो:

वेबसाइट के उपयोग या उपयोग करने में असमर्थता से उत्पन्न हुई हो।

वेबसाइट पर दी गई जानकारी में किसी त्रुटि या चूक (Error or Omission) के कारण हुई हो।

आपके डेटा या डिवाइस में किसी वायरस या तकनीकी खराबी के कारण हुई हो।

हम अपनी सामग्री को यथासंभव सटीक और अद्यतन (Updated) रखने का प्रयास करते हैं, लेकिन हम इसकी पूर्णता या सटीकता की कोई कानूनी वारंटी नहीं देते हैं।

9. क्षतिपूर्ति (Indemnification)

आप 'A Divine Sage', इसके संस्थापक और सहयोगियों को किसी भी दावे, नुकसान, दायित्व, या खर्च (वकील की फीस सहित) से मुक्त रखने और उनकी क्षतिपूर्ति करने के लिए सहमत हैं, जो आपके द्वारा इन नियमों के उल्लंघन या वेबसाइट के गलत उपयोग से उत्पन्न हुए हों।

10. नियमों में परिवर्तन (Changes to Terms)

हम किसी भी समय इन नियमों और शर्तों को बदलने या संशोधित करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

जब भी कोई परिवर्तन किया जाएगा, तो इस पेज के शीर्ष पर 'अंतिम संशोधन तिथि' को अपडेट कर दिया जाएगा।

यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप समय-समय पर इन शर्तों की समीक्षा करें। परिवर्तनों के बाद वेबसाइट का निरंतर उपयोग आपकी उन परिवर्तनों के प्रति स्वीकृति माना जाएगा।

11. समाप्ति (Termination)

यदि हमें लगता है कि आप इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं या आपका आचरण हमारे आध्यात्मिक समुदाय के लिए हानिकारक है, तो हम बिना किसी पूर्व सूचना के आपकी वेबसाइट तक पहुँच को समाप्त या निलंबित कर सकते हैं।

12. शासी कानून (Governing Law)

ये नियम और शर्तें भारतीय कानूनों के अनुसार शासित और व्याख्यायित की जाएंगी। किसी भी विवाद की स्थिति में न्यायक्षेत्र (Jurisdiction) संस्थापक के निवास स्थान के न्यायालयों के अधीन होगा।

13. संपर्क करें (Contact Us)

यदि आपके पास इन नियमों और शर्तों के बारे में कोई प्रश्न, सुझाव या शिकायत है, तो आप हमसे निम्नलिखित माध्यम से संपर्क कर सकते हैं:

वेबसाइट: adivinesage.com

संस्थापक: R.K. Yogacharya

ईमेल: rajaltmcure@gmail.com

निष्कर्ष (Final Words)

A Divine Sage केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है। इन नियमों का पालन करके आप हमें एक सुरक्षित, सम्मानित और ज्ञानवर्धक मंच बनाए रखने में मदद करते हैं। हम आपकी उपस्थिति की सराहना करते हैं और आशा करते हैं कि विश्व के महान संतों के विचार आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

साधु सुंदर सिंह की तिब्बत यात्रा के दौरान 'कैलाश के महर्षि' से मुलाकात का पूरा सच।

साधु सुंदर सिंह की तिब्बत यात्रा और 'कैलाश के महर्षि' का रहस्य: एक अनसुनी दास्तान मेरे प्यारे दोस्तों, आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं, जो न केवल अध्यात्म की गहरी परतों को छूता है, बल्कि जिसे सुनकर आधुनिक विज्ञान और तर्क भी सोच में पड़ जाते हैं। यह कहानी है 'भारत के प्रेरित' कहे जाने वाले साधु सुंदर सिंह की और उनकी उस रहस्यमयी मुलाकात की, जो उन्होंने तिब्बत की बर्फीली चोटियों में 'कैलाश के महर्षि' के साथ की थी। इतिहास की गलियों में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि क्या वाकई इस दुनिया से परे भी कोई दुनिया है? क्या आज भी ऐसे सिद्ध पुरुष मौजूद हैं जो सैकड़ों वर्षों से जीवित हैं? आइए अब जानते हैं इस अद्भुत घटनाक्रम का पूरा सच। कौन थे साधु सुंदर सिंह ? इससे पहले कि हम उनकी तिब्बत यात्रा के रोमांचक पड़ावों पर बात करें, हमें यह समझना होगा कि साधु सुंदर सिंह कौन थे। पंजाब के एक धनी सिख परिवार में जन्मे सुंदर सिंह का शुरुआती जीवन विलासिता और धार्मिक कट्टरता के बीच बीता। लेकिन एक रात उनके जीवन में ऐसा मोड़ आया जिसने उन्हें ईसा मसी...

क्या साधु सुंदर सिंह आज भी जीवित हैं? उनकी रहस्यमयी गुमशुदगी के पीछे के तर्क

 नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तों! कैसे हैं आप सब? आज मैं आपके साथ एक ऐसी कहानी साझा करना चाहता हूँ जिसने दशकों से न केवल इतिहासकारों को बल्कि आध्यात्मिक खोजियों को भी हैरत में डाल रखा है। हम बात कर रहे हैं 'एशिया के प्रेरित' कहे जाने वाले साधु सुंदर सिंह की। क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि कुछ लोग इस दुनिया में सिर्फ एक मकसद के लिए आते हैं और जब वो मकसद पूरा हो जाता है, तो वे हवा में कपूर की तरह ओझल हो जाते हैं? सुंदर सिंह के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। आज भी लोग पूछते हैं—क्या वह आज भी कहीं जीवित हैं? या फिर हिमालय की बर्फीली चोटियों ने उन्हें हमेशा के लिए अपनी गोद में सुला लिया? साधु सुंदर सिंह का शुरुआती सफर आईए अब जानते हैं उस इंसान के बारे में जिसने अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी को एक पल में छोड़ दिया। पंजाब के एक अमीर परिवार में जन्मे सुंदर सिंह का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जहाँ तक वास्तविकता की बात है, उनकी माँ चाहती थीं कि वह एक साधु बनें, लेकिन सुंदर सिंह बचपन में ईसाई धर्म के सख्त खिलाफ थे। यहाँ तक कि उन्होंने बाइबिल भी जलाई थी। लेकिन कहते हैं न कि तकदीर को कुछ और ही मंजूर था।...

तिब्बत के 'हड्डियों वाले गड्ढे' में साधु सुंदर सिंह का चमत्कारिक बचाव

नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तों! कैसे हैं आप सब? आज मैं आपके साथ एक ऐसी कहानी साझा करने जा रहा हूँ, जिसे सुनकर शायद आपकी रूह कांप जाए, लेकिन साथ ही आपको यह भी अहसास होगा कि जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं, तो ऊपर वाला कोई न कोई रास्ता जरूर खोलता है। अक्सर हम फिल्मों में चमत्कार देखते हैं और हमें लगता है कि ये सब सिर्फ पर्दे तक ही सीमित है। लेकिन जहां तक वास्तविकता की बात है, इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं दर्ज हैं जिन्हें विज्ञान आज भी नहीं समझा पाया है। ऐसी ही एक कहानी है भारत के महान संत साधु सुंदर सिंह की। अब अधिक समय न लेते हुए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं तिब्बत के उस रहस्यमयी और डरावने 'हड्डियों वाले गड्ढे' के बारे में, जहाँ से सुंदर सिंह का बचना किसी अजूबे से कम नहीं था। तिब्बत की दुर्गम राहें और साधु सुंदर सिंह का जुनून दोस्तों, बात उन दिनों की है जब तिब्बत दुनिया के लिए एक रहस्य बना हुआ था। वहां बाहरी लोगों का जाना लगभग नामुमकिन था, और अगर कोई ईसाई धर्म का प्रचार करते पकड़ा जाता, तो उसे सीधे मौत की सजा दी जाती थी। लेकिन साधु सुंदर सिंह, जिन्हें 'हिमालय का प्रेरित' भी कहा जाता...